Exclusive Interview: हौसले की कहानी है ‘सांड की आंख’

10/26/2019 11:12:25 AM

नई दिल्ली। रियल लाइफ (Real Life) हीरो पर कहानियां तो अक्सर बनती रही हैं लेकिन इस बार एक ऐसी कहानी (Story) ने पर्दे पर दस्तक दी है जो न सिर्फ किसी के हौसले की कहानी कहती है बल्कि उम्र की सीमाओं को तोड़ने का संदेश भी देती है। फिल्म का नाम है ‘सांड की आंख’ जो ‘शूटर दादी’ के नाम से पहचानी जाने वाली चंद्रो तोमर  (Chandro Tomar) और प्रकाशी तोमर (Prakashi Tomar) पर आधारित है।

 

ये फिल्म समाज में महिलाओं के खिलाफ पनप रही रूढ़ीवादी सोच पर सटीक निशाना साधती है। बॉलीवुड में हमेशा से ही अपने चुनिंदा किरदारों से स्टीरियोटाइप को ब्रेक करने वाली और किसी भी किरदार में बड़ी ही खूबसूरती से ढल जाने वाली भूमि पेडनेकर और तापसी पन्नू इस फिल्म में मुख्य किरदार में हैं। फिल्म (Film) प्रोमोशन के सिलसिले में दिल्ली (Delhi) पहुंची भूमि और तापसी ने पंजाब केसरी/ नवोदय टाइम्स/ जगबाणी/ हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं इसके प्रमुख अंश।

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फिल्म की कहानी है ‘जैकपॉट’ तापसी पन्नू
इस फिल्म की कहानी एक जैकपॉट की तरह थी जो जिसके भी हाथ लग जाए वो उसकी खुशकिस्मती। इस तरह की बहुत ही कम स्क्रिप्ट होती हैं जिसे देखकर चेहरे पर मुस्कान भी आती है और आंखों में आंसू भी। ये एक बहुत ही स्पैशल फिल्म है जिसे करना ही चाहिए।

 

इस फिल्म से आया मुझमें बदलाव
शूटर दादी के साथ मैंने काफी समय बिताया है। उनसे मिलने के बाद मुझमें काफी बदलाव आए हैं और ऐसा होना वाजिब भी है, जब आप किसी के साथ 3-4 महीने बिताते हैं तो उस किरदार को जीते हैं, ऐसे में हमारे अंदर कुछ तो बदलाव आता ही है।

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ऑडियंस के कारण बदला सिनेमा 
फिल्म कंटैंट में पहले के मुकाबले एक बहुत ही बड़ा बदलाव आया है और इसका सबसे ज्यादा श्रेय मैं ऑडियंस को देना चाहूंगी। वो ऐसी कहानियों का खुले हाथों से स्वागत कर रहे हैं और यही वजह है कि इस तरह की फिल्में अब ज्यादा बन रही हैं। अब एक ही क्लिक पर दुनिया के किसी भी कोने से किसी भी कंटैंट को देखा जा सकता है इसलिए अब ऑडियंस को कंटैंट क्वालिटी चाहिए, अगर हम उन्हें कुछ ऐसा-वैसा परोसेंगे तो उनके पास बहुत और भी ऑप्शन मौजूद हैं जिसे वो देख सकते हैं।

 

इस किरदार को निभाना था बड़ा रिस्क भूमि पेडनेकर
स्क्रिप्ट देखते ही समझ में आ गया था कि इसमें कुछ खास है। फिर हमने इसके लिए शूट करना शुरू किया तो सैट पर एक गुड एनर्जी थी, महसूस हो रहा था कि कुछ अलग हो रहा है, ये वो उन सबसे बैस्ट चीजों में से एक थी जो हमें मिल सकती थी। हम दोनों ने अपनी उम्र से बड़े किरदार को प्ले करके बड़ा रिस्क लिया था, हम अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकले थे जहां पर हर कोई हमें जज कर सकता था लेकिन फिल्म देखने के बाद मुझे और तापसी दोनों को ही अपने इस फैसले पर खुशी और गर्व हुआ।

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बहुत लोगों ने फिल्म करने से कर दिया था मना
स्क्रिप्ट सुनकर मैं बहुत इंप्रैस हुई लेकिन बहुत से लोगों ने हमें सलाह दी कि ये फिल्म मत करो। उनका कहना था कि हम करियर के जिस पड़ाव पर हैं वो हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण फेज है, ऐसे में रिस्क लेना हमारे लिए बिल्कुल भी सही नहीं होगा। उनका मानना था कि ऐसे वक्त में हमें ग्लैमरस और यंग रोल्स करने चाहिए। किसी को उम्मीद नहीं थी कि ये इतनी एंटरटेनिंग फिल्म निकलकर आएगी।

 

अपने बलबूते पर बनाई इंडस्ट्री में जगह
मैंने इंडस्ट्री में जो जगह बनाई है वो अलग फिल्में करके ही बनाई है और अपने बलबूते पर बनाई है। अगर मैं बाकी एक्ट्रैस की तरह नॉर्मल टॉपिक्स पर फिल्में करने लगी तो वो मेरे लिए काम नहीं कर पाएगा। मेरी फिल्मों की कहानियां लोगों को याद रहती हैं और कहानी ही एक ऐसी चीज है जिसके बारे में सालों-साल तक लोग बात करते हैं, वो लोगों के जेहन में जिंदा रहती है। यही वजह है कि करियर के इस मुकाम पर मैंने इस फिल्म में काम करने का रिस्क लिया।

 

 

 

 

 

 

 


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Chandan


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