Movie Review: न एक्टिंग में दम, न कहानी में जान, हर एंगल से नापसंद करने को मजबूर करती है आलिया की ''सड़क 2''

8/29/2020 4:42:46 PM

बॉलीवुड तड़का टीम. एक्टर संजय दत्त, आलिया भट्ट और आदित्य रॉय कपूर स्टारर फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो चुकी है। फिल्म का डायरेक्शन आलिया भट्ट के पिता महेश भट्ट ने किया है। फिल्म देखने के बाद पब्लिक के तरह-तरह के रिव्यू सामने आ रहे हैं। साफ कहे तो फिल्म दर्शकों का दिल जीतने में नाकाम साबित हो रही है। अब इस फिल्म को देखें या नहीं ऑडियंस इस बात को लेकर परेशान है। अब फिल्म को पसंद करना या नापसंद करना है ये जानने के लिए एक बार फिल्म का रिव्यू जान लेना चाहिए।

PunjabKesari


कहानी
फिल्म की कहानी की बात करें तो आर्या (आलिया भट्ट) का पूरा परिवार, पिता योगेश देसाई (जिशु सेनगुप्ता) और मौसी नंदिनी (प्रियंका बोस), बाबा ज्ञानप्रकाश (मकरंद देशपांडे) का अंधभक्त है, लेकिन आर्या की बाबा खिलाफ है और उसका मामना है कि उस बाबा की वजह से ही उसकी मां की मृत्यु हो गई। जिसका उसे बदला लेना है। इसी सोच में वो ढोंगी बाबाओं के खिलाफ एक कैम्पन India Fights Fake Gurus शुरू करती है। बाबाओं के खिलाफ कैंपेन के दौरान आर्या को एक ट्रोल विशाल (आदित्य रॉय कपूर) से प्यार हो जाता है। इस सबके बीच आर्या को कैलाश मानसरोवर जाना है। यह उसकी मां की इच्छा थी कि 21 की उम्र से पहले वो अपनी मां की इच्छा पूरी कर दे।

PunjabKesari


इसी बीच आर्या यात्रा के लिए रवि किशोर (संजय दत्त) की टैक्सी सर्विस 'पूजा ट्रैवल्स एंड टुअर्स' के यहां टैक्सी बुक कर जाती है। यही टैक्सी रवि की पत्नी पूजा ने तीन महीने पहले बुक की थी। एक हादसे में रवि की पत्नी की मौत हो जाती है, जिसके बाद से रवि डिप्रेशन में चला जाता है और कई बार सुसाइड की भी कोशिश कर चुका होता है। जब आर्या रवि के पास टैक्सी के लिए पहुंचती है तो वो उसे मना कर देता है। आखिर में रवि आर्या  विशाल (आदित्य रॉय कपूर) को लेकर यात्रा पर निकलता है। लेकिन इस यात्रा के दौरान कई भयानक घटनाएं होती हैं, जिसके बाद रवि आर्या का साथ देने का फैसला कर लेता है।
रिव्यू

कहानी तो स्पष्ट है, लेकिन फिल्म का स्क्रीनप्ले काफी उलझा हुआ है। कुछ देर तक दर्शक ये समझने में असमझ हो जाते है कि फिल्म कहा जा रही है यानि फिल्म में जल्दी- जल्दी ट्विस्ट आते हैं। फिल्म के डायलॉग्स ऑडियंस के दिलों में छाप छोड़ने में कमजोर है। पुष्पदीप भारद्वाज, सुह्रता सेनगुप्ता और महेश भट्ट का लेखन बेहद कमज़ोर रहा। संवाद प्रभावहीन और पुराने हैं। आलिया की एक्टिंग के नाम पर कोशिशें मात्र है। आदित्य रॉय की एक्टिंग भी खास नहीं है। वहीं संजय दत्त की एक्टिंग कहीं-कहीं लोगों को इम्प्रेस करने में कामयाब रहती है। 
संगीत
फिल्म के गानों की बात करें तो वो तो दर्शकों को उसके फर्स्ट सॉन्ग रिलीज से पता चल गया था कि गाने में कितना दम है। बाकी सॉन्ग्स भी लोगों को इम्प्रेस नहीं करते। 
 


 


suman prajapati


Recommended News