पांच साल लगे 'ब्रह्मास्त्र' को तैयार होने में - अयान मुखर्जी

6/7/2022 12:09:31 PM

नई दिल्ली। मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ 9 सितंबर 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए बिल्कुल तैयार है। फैंस को ‘ब्रह्मास्त्र’ का बेसब्री से इंतज़ार है। इस फिल्म को बनाने में निर्देशक अयान मुखर्जी को 5 साल लगे, इसीलिए ये फिल्म उनके लिए भी बेहद ख़ास है। फिल्म में अमिताभ बच्चन, नागार्जुन, रणबीर कपूर, अलिया भट्ट और मौनी रॉय मुख्य भूमिका में हैं।बता दें कि स्टार स्टूडियोज और धर्मा प्रोडक्शन की इस फिल्म का ट्रेलर 15 जून को रिलीज होगा।  फिल्म को लेकर अयान मुख़र्जी ने पंजाब केसरी/नवोदय टाइम्स/जगबानी/हिन्द समाचार से ख़ास बातचीत की। पेश हैं इसके मुख्य अंश। 

 

1- ‘ब्रह्मास्त्र’ क्या है? और हमें इसमें क्या देखने को मिलने वाला है? 
'ये तीन हिस्सों वाली पिक्चर है और जिसके बारे में हम बात कर रहे हैं वो 'ब्रह्मास्त्र' भाग - 1 है, इसका नाम है 'शिवा' शिवा इसलिए क्योंकि इस फिल्म के नायक का नाम 'शिवा' है। ब्रह्मास्त्र देवताओं के सबसे शक्तिशाली अस्त्र को कहा जाता है। फिल्म के लिए हमने इससे प्रेरणा ली और एक कहानी लिखी, जो एकदम काल्पनिक है। हमारी फिल्म में भी एक अस्त्र है जिसका नाम है ब्रह्मास्त्र, जो असल ब्रह्मास्त्र की तरह बहुत शक्तिशाली है। 'शिवा' और 'ब्रह्मास्त्र' में बहुत ही रोचक कनेक्शन है। इस फिल्म में जिस तरह का स्केल और इफेक्ट्स दर्शकों को देखने को मिलेंगे वो उन्होंने भारतीय सिनेमा में पहले कभी नहीं देखे होंगे। 

 

2- ये कॉन्सेप्ट आपके ज़हन में कैसे और कब आया ?
इस फिल्म की शुरुआत 2011 से ही हो गई थी। तब से इस सपने को हकीकत में बदलने की कोशिश जारी थी।  ब्रह्मास्त्र में कई प्रेरणाएं है लेकिन जो सबसे मुख्य है वो है हमारा खुद का इतिहास और माइथोलॉजी है। 'मैंने इससे बहुत प्रेरणा ली। मुझे लगता है कि हर भारतीय अपनी संस्कृति की गहराई से जुड़ा हुआ है...और वही जड़ है ब्रह्मास्त्र की। मैंने उसी से प्रेरणा लेकर एक काल्पनिक कहानी लिखी। 'ब्रह्मास्त्र' की प्रेरणा हमारी मैथोलॉजी से है लेकिन फिल्म की सेटिंग आज की दुनिया में है। पौराणिक भारत और दुनिया का मिलन ब्रह्मास्त्र है। 

 

3- नागार्जुन को फिल्म में लेने की कोई ख़ास वजह ?
फिल्म की कहानी के लिए नागार्जुन बिलकुल परफेक्ट थे।  नागार्जुन के इस फिल्म का हिस्सा बनने से ये फिल्म और भी बड़ी बन गई। मेरा मानना है कि कहानी के मुताबिक अगर एक्टर भी देश के अलग-अलग हिस्सों से आते हैं तो फिल्म और भी ज़्यादा रिच हो जाएगी। ये फिल्म हिंदी से ज़्यादा नेशनल फिल्म बन जाएगी। 

 

4- फिल्म की स्टारकास्ट के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा ?
ब्रह्मस्त्र की टीम स्टार्स नहीं सोल्जर हैं'। फिल्म की शूटिंग के दौरान कई समस्याएं भी आई जिसका सबने मिलकर सामना की। इसलिए मैंने कहा सभी सोल्जर हैं जिन्होंने हर चीज़ का डटकर मुकाबला किया और फिल्म पूरी की।  

 

5- क्या नया देखने को मिलेगा ऑडियंस को ?
हमारे दर्शकों को अलग-अलग किस्म की फ़िल्में देखना पसंद है। मैं दावा करता हूं कि ब्रह्मास्त्र के रूप में उन्हें एक ऐसी फिल्म देखने को मिलेगी जो उन्होंने अभी तक देखी नहीं होगी।  इसमें ऐसे विज़ुअल्स और इफेक्ट्स देखने को मिलेंगे जो कभी किसी भारतीय फिल्म में आए ही नहीं। साथ ही ये फिल्म हमारी जड़ों से जुडी हुई है। 

 

6- क्या ये फिल्म कोई सोशल मैसेज भी देती है ? 
सोशल तो नहीं लेकिन एक मैसेज जरूर है ब्रह्मास्त्र में, वो ये कि हमारी हिन्दू फिलोसोफी की कुछ मुख्य बातें इस फिल्म में बहुत ही एंटरटेनिंग और मॉडर्न तरीके से देखने को मिलेंगी लोगों को। मेरी ज़िन्दगी में ब्रह्मास्त्र से बड़ा ड्रीम प्रोजेक्ट और नहीं है.


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Content Writer

Deepender Thakur


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