ये फिल्में आपको हंसने के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर सोचने के लिए कर देंगी मजबूर

9/24/2021 11:02:26 AM

नई दिल्ली। यह जरूरी नहीं है कि सामाजिक मुद्दों पर बात करने के लिए एक गंभीर और इंटेंस फिल्म बनाने की जरूरत है। आजकल फिल्में न केवल दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए बल्कि एक प्रभावशाली संदेश देने के लिए भी बनाई जाती हैं। फिल्मों के माध्यम से एक सामाजिक मुद्दे को मुखर करना जनता का ध्यान खींचने के निश्चित तरीकों में से एक है। सामाजिक संदेश वाली फिल्मों का चलन जोर पकड़ रहा है और अधिक से अधिक अभिनेता ऐसी फिल्मों में अपनी रुचि दिखा रहे हैं। निम्नलिखित कुछ ऐसी फिल्में हैं जो 2021 में रिलीज हुई थीं और इन फिल्मों ने दर्शकों का मनोरंजन करते हुए सामाजिक मुद्दों पर बात की थी।

 

कागज
जनवरी के पहले हफ्ते में रिलीज हुई यह फ़िल्म अभिनेता पंकज त्रिपाठी की पहली लीड फिल्म है। इस फिल्म ने भारत में प्रचलित एक मुद्दे के बारे में बताया है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। यह एक आम आदमी की कहानी है, जिसे सरकार ने कागज पर मृत घोषित कर दिया। वह अपने अस्तित्व को साबित करने की कोशिश करता है लेकिन वह जहां भी जाता है उसे निराशा का सामना करना पड़ता है। फिल्म इस बारे में बात करती है कि कैसे 14 साल के संघर्ष के बाद, वह खुद को जीवित साबित करने में सफल हो जाता है लेकिन इस प्रक्रिया में उसके लिए जो कुछ भी मायने रखता है उसे वह खो देता है। कागज़ सतीश कौशिक द्वारा लिखित और निर्देशित एक भारतीय जीवनी नाटक फिल्म है और सलमान खान फिल्म्स व द सतीश कौशिक एंटरटेनमेंट प्रोडक्शन के बैनर तले सलमान खान और निशांत कौशिक द्वारा निर्मित है।

 

14 फेरे
यह फिल्म संजय के इर्द-गिर्द घूमती है, जो जहानाबाद का एक राजपूत है, जिसे ऑनर किलिंग के लिए जाना जाता है और अदिति, जयपुर की एक जाट, जिसके पिता और बड़े भाई अपना सम्मान बनाए रखने के लिए उसे मार भी सकते है। दोनों अपने परिवार के बहुत करीब हैं, परिवार कभी भी अन्तर कास्ट विवाह के लिए राजी नहीं होंगे और फिर भी वे शादी करना चाहते हैं। फिल्म में कई मुद्दे दिखाए गए है, हालांकि यह प्यार में पागल जोड़े के बारे में एक रोमांटिक प्रेम कहानी है। ज़ी स्टूडियोज द्वारा निर्मित, देवांशु सिंह द्वारा निर्देशित और मनोज कलवानी द्वारा लिखित, 14 फेरे दर्शकों को भावनाओं के एक रोलर कोस्टर के माध्यम से ले जाती है और यह एक आदर्श पारिवारिक फिल्म है। यह फ़िल्म अब ज़ी5 पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है।

 

हेलमेट
ज़ी5 पर हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म हेलमेट एक ऐसे विषय से संबंधित है जिसे भारत में वर्जित माना जाता है। हेलमेट हमारे समाज में सबसे अधिक संबंधित मुद्दों में से एक कंडोम खरीदने के लिए लोगों का प्रतिरोध, भले ही गैर-उपदेशात्मक और मनोरंजक तरीके से पर प्रकाश डालता है। यह फिल्म देश में कंडोम खरीदने के सरल कार्य के इर्द-गिर्द उलझी वर्जनाओं और अंतर का एक विचित्र चित्रण है। फिल्म का निर्देशन सतराम रमानी ने किया है, जिसे रोहन शंकर ने लिखा है और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स और डिनो मोरिया की डीएम फिल्म्स द्वारा निर्मित है। यह ज़ी5 पर स्ट्रीमिंग हो रही है।

 

मिमी
हाल ही में रिलीज़ हुई इस फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों ने समान रूप से पसंद किया है। इसने न केवल एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे के बारे में बात की बल्कि दर्शकों को हंसी और आंसुओं का एक परफ़ेक्ट मिश्रण भी दिया। सरोगेसी के संकट और भारतीय लोगों की गोरी त्वचा से लेकर जाति के मुद्दे और गर्भपात के मुद्दों तक, फिल्म मनोरंजक तरीके से बहुत कुछ बताने की कोशिश करती है।  मैडॉक फिल्म्स और जियो स्टूडियोज़ द्वारा निर्मित इस फिल्म का निर्देशन लक्ष्मण उटेकर ने किया है और इसमें कृति सैनन हैं।


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Content Writer

Deepender Thakur


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