कंगना रनौत पर ओवैसी ने साधा निशाना, बोले- अगर ये किसी मुस्लमान ने कहा होता तो मार-मार कर बेहाल कर दिया जाता

11/15/2021 3:40:54 PM

मुंबई. एक्ट्रेस कंगना रनौत इन दिनों अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में बनी हुई है। कंगना ने कहा था कि 1947 की आजादी आजादी नहीं भीख है असली आजादी तो 2014 में मिली है। कंगना के इस बयान के खिलाफ हर जगह प्रदर्शन हो रहा है। विवादित बयान के बाद कंगना ने मांगी मांगने की बजाए कहा कि 1947 में कौन सा युद्ध हुआ था, मुझे पता नहीं है। अगर कोई मुझे बता सकता है तो मैं अपना पद्मश्री वापस कर दूंगी और माफी भी मांगूंगी। अब कंगना के इस बयान पर एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने तंज कसा है।

PunjabKesari
ओवैसी ने पूछा है कि क्या देशद्रोह सिर्फ मुसलमानों के लिए है? क्या वे लोग कंगना रणौत पर देशद्रोह का आरोप लगाएंगे? ओवैसी ने कंगना का नाम लिए बिना कहा, मैं इंडियन नेशनलिज्म को मानता हूं तो उन्हें पद्मश्री मिला है। अगर हम इस बात को कह देते तो यूएपीए लग जाता, मार-मार कर बेहाल कर दिया जाता। एक मोहतरमा ने कहा कि 2014 में सही मायने में देश आजाद हुआ है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से पूछना चाहता हूं कि 1947 में आजाद हुआ था कि 2014 में। 

PunjabKesari
ओवैसी ने कंगना पर तंज कसते हुए कहा- 'वह क्वीन हैं और आप किंग (योगी आदित्यनाथ) लेकिन आप कुछ नहीं करेगे। बाबा ने इंडिया-पाकिस्तान टी 20 मैच के बाद टिप्पणी करने वालों को देशद्रोह के आरोप में जेल में डालने की धमकी दी थी।' याद हो तो कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 24 अक्टूबर को हुए भारत-पाकिस्तान के मैच के बाद पाक की जीत का जश्न मनाने वालों को चेतावनी दी थी। 

PunjabKesari
बता दें कंगना ने विवादित बयान के बाद अपना बचाव करते हुए एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें एक्ट्रेस ने लिखा था- 'मैंने झांसी की रानी लक्ष्मी बाई पर बनी फीचर फिल्म में काम किया है। 1857 की लड़ाई पर काफी रिसर्च किया है। राष्ट्रवाद के साथ दक्षिणपंथ का भी उभार हुआ लेकिन यह अचानक खत्म कैसे हो गया? और गांधीजी ने भगत सिंह को क्यों मरने दिया। आखिर क्यों नेता बोस की हत्या हुई और उन्हें कभी गांधी जी का सपोर्ट नहीं मिला। 'आखिर क्यों बंटवारे की रेखा एक अंग्रेज के द्वारा खींची गई? आजादी की खुशियां मनाने के बजाय भारतीय एक दूसरे को मार रहे थे। मुझे ऐसे कुछ सवालों के जवाब चाहिए जिसके लिए मुझे मदद की जरूरत है। जहां तक 2014 में आजादी की बात है, मैंने विशेष रूप से कहा था कि भौतिक आजादी हमारे पास हो सकती है, पहली बार अंग्रेजी न बोलने या छोटे शहरों से आने या भारत में बने उत्पादों का उपयोग करने के लिए लोग हमें शर्मिंदा नहीं कर सकते। जो चोर हैं उनकी तो जलेगी। कोई बुझा नहीं सकता... जय हिंद।'
PunjabKesari


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Parminder Kaur


Related News

Recommended News