Movie Review: फिल्म ''मदारी''

Saturday, July 23, 2016 10:50 AM

नई दिल्ली: आम आदमी अगर ठान ले तो वह सिस्टम से लेकर सरकार तक सब को हिला सकता है। बॉलीवुड में गाहे-बगाहे ऐसी कई फिल्में बनती भी रहीं हैं। निशिकांत कामत के निर्देशन में बनी ‘मदारी’ ऐसी ही फिल्म है। बॉलीवुड में लक से हट कर अभिनय के लिए जाने-जाने वाले इरफान खान ने इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई है जबकि इसमें जिमी शेरगिल,विशेष बंसल, तुषार दल्वी, नितेश पांडे जैसे सितारे भी हैं।  

कहानी:- फिल्म की शुरूआत होती है,एक डायलॉग बाज चूजे पर झपटा...उठा ले गया- कहानी सच्ची लगती है, लेकिन अच्छी नहीं लगती। बाज पे पलटवार हुआ,कहानी सच्ची नहीं लगती, लेकिन खुदा कसम बहुत अच्छी लगती है। जहां बाज सरकार और सिस्टम को दिखाता है तो वहीं चूजा आम आदमी को। हमारे सिस्टम में कई खामियां हैं और इन खामियों का नतीजा अगर कोई भुगतता है तो वह है आम जनता, न तो नेताओं पर कोई फर्क पड़ता है न ही समाज और सरकार पर। एक वक्त के बाद सब भूल जाते हैं। ‘मदारी’कहानी है, एक आम इंसान निर्मल (इरफान) की जो अपने सात साल बेटे (केदार बगाडिया) के साथ खुशहाल जिंदगी जी रहा है लेकिन अचानक एक हादसे में उसके बेटे की मौत हो जाती है और फिर वह सरकार से बदला लेने की योजना बनाता है जिसके तहत वह देश के गृहमंत्री के बेटे का अपहरण कर सिस्टम और सरकार की कमियों की पोल खोलता है।  

निर्देशन:- 2008 में ‘मुंबई मेरी जान’ से बॉलीवुड में अपनी फिल्मी पारी की शुरुआत करने वाले निशिकांत कामत सशक्त फिल्मों के लिए जाने जाते हैं और मदारी के जरीए उन्होंने दर्शकों से जुड़े मुद्दे को उठाया। फिल्म का फिल्मांकन पहाड़ों से लेकर रेगिस्तान तक हुआ है जोकि देखने में काफी आकर्षक लगता है। बेटे की मौत से सिस्टम से खफा हुए पिता के दर्द को पर्दे पर इरफान के जरिये उतारने में वह कामयाब रहे। फिल्म में कई ऐसे संवाद हैं जो आप लंबेे समय तक याद रखेंगे, मसलन देश सो रहा है....., बेड़यिां जितनी मजबूत हों उडऩे का उतना ही मन करता है। 

अभिनय:-पूरी फिल्म इरफान के किरदार के इर्दगिर्द घूमती है और इसमें को कोई शक नहीं कि अभिनय के मामले में वह आज के दौर के सबसे बेहतरीन अभिनेताओं में से एक हैं। मदारी पूरी तरह इरफान की फिल्म है उनके अभिनय के सामने जिमी शेरगिल और नितेश पांडे जैसे सितारे फीके लगने लगते हैं। बच्चे के किरदार में विशेष बंसल और केदार बगाड़यिा ने भी अच्छा काम किया। 

गीत-संगीत:- फिल्म का बैकग्राउंड यूजिक अच्छा है। गाने अच्छे होने के साथ साथ उसका फिल्मांकन भी बेहतर है। विशाल ददलानी की आवाज में गया गया‘दमा दमा दम’फिल्म की कहानी आगे बढ़ाता है।

देखे या ना देख:- पॉपकॉर्न फिल्मों से हट अगर आप मुद्दों पर आधारित फिल्में पसंद करते हैं तो मदारी आपको कहीं से भी निराश नहीं करेगी। शानदार कहानी के साथ इरफान का जानदार अभिनय इस फिल्म में आपको देखने को मिलेगा। फिल्म का क्लाइमेक्स कमाल का है। फिल्म की कमजोर कड़ी इसकी लंबाई है जोकि थोड़ी कम की जा सकती थी। 

 



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