MOVIE REVIEW: ग्रेट ग्रैंड मस्ती: कुंठाओं से भरा सिनेमा

Friday, July 15, 2016 2:10 PM

मुंबई: बॉलीवुड स्टार्स विवेक ओबेराय, रितेश देशमुख, आफताब शिवदासानी, उर्वशी रौतेला की फिल्म ग्रेट ग्रैंड मस्ती रिलीज हो गई है। निर्देशक इंद्र कुमार इसी रास्ते पर बढ़े हैं। वह मस्ती तथा ग्रैंड मस्ती के बाद ग्रेट ग्रैंड मस्ती लाए हैं। परंतु यह कॉमेडी के नाम पर कुंठाओं से भरा सिनेमा है। जिसमें लोगों के नाम, छवि, उम्र तक का कोई लिहाज नहीं है।

आपको बता दें कि फिल्म में एक नौकरानी का नाम शाइनी है और वह एक्टर शाइनी अब्राहम की याद दिलाती है, जो अपने घर में काम करने वाली युवती से रेप के आरोप में जेल हो आए हैं। मामला अभी अदालत में है। यहां फिल्म की नायिका अंग प्रदर्शन करते हुए अश्लील संवाद बोलती है और आपको हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक रेखा की याद दिलाती है। बेशर्मी की सारी सीमाएं तब टूट जाती हैं जब उम्रदराज, वृद्ध स्त्रियों को भी इस सैक्स कॉमेडी का अंग बना दिया जाता है।

फिल्म की कहानी फिर से मीत, अमर और प्रेम की निजी जिंदगी की समस्या से शुरू होती है। तीनों के घर के हालात साला, साली और सास की वजह से ऐसे हैं कि पत्नियों के संग उन्हें अंतरंग समय नहीं मिल पा रहा। नतीजा यह कि वह बाहर तलाश शुरू कर देते हैं, जो उन्हें उस पुरानी हवेली में ले जाती है जहां पर गुजरे पचास साल से रागिनी (उर्वशी रौतेला) का भूत रह रहा है।

विवेक ओबेराय और रितेश देशमुख स्थापित एक्टर हैं। अश्लील हाव-भाव-संवाद उन्हें शोभा नहीं देते। आफताब की मजबूरी समझी जा सकती है कि उन्हें लोकप्रियता के लिए सस्ते हथकंडों की जरूरत है। उर्वशी रौतेला तेजी से आगे बढ़ने के प्रयास में खराब फिल्में चुन रही हैं।

इस साल क्या कूल हैं हम-3 और मस्तीजादे के बाद यह तीसरी फिल्म है तो सिनेमा के तीसरे दर्जे को अव्वल दर्जा दिलाने की कोशिश में दिखती है। 



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