सब्यसाची ने साड़ी वाले बयान पर मीडिया को लिखा ओपन लेटर, मांगी माफी

Wednesday, February 14, 2018 5:10 PM
सब्यसाची ने साड़ी वाले बयान पर  मीडिया को लिखा ओपन लेटर, मांगी माफी

मुंबई:  फैशन डिजाइनर Sabyasachi Mukherjee साड़ी को लेकर दिए एक बयान के चलते एक बार फिर से खबरों में आ गए हैं। सब्यसाची मुखर्जी ने भारतीय महिलाओं और साड़ी पर की गई अपनी टिप्पणी को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि  बेवजह इसे मुद्दा बना कर तूल दिया जा रहा है। अपने इस बयान के बाद सब्यसाची को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल होना पड़ रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ओपन लेटर लिखा है।

 

Let’s also talk about another subject that has arisen out of the fervent discussions occurring about me and my brand, and one that has always been a big topic on gender inequality and the patriarchy (which, according to some of you, I am ardently supporting): the pay gap. It is humiliating to have to defend yourself in public but sometimes a bitter medicine needs to be swallowed to drive home a hidden truth. I would like to bring to your notice, that the majority of my staff at Sabyasachi Couture are women. From pattern makers, to seamstresses, to designers, to publicists, to IT consultants, department heads, store managers, and core of management; women comprise the top earners on my payroll – and it is not because they are women, but because they’ve earned it by their merit. And every Friday, men and women alike at Sabyasachi wear Indian clothing to celebrate our love for textiles, with zero enforcement. Mine is a women-oriented brand and I owe my complete success to them. I have always, and will continue to love and respect women irrespective of the labels recently assigned to me. It was in this spirit that I started my brand, and that is how it shall remain till the day we decide to shut its doors. I once again apologise for the distress caused by the words I used, but not for the intent, which often takes a back seat when slammed by controversy. My intent was to call out those women who proudly proclaim that they don’t wear saris and simultaneously shame others who wear saris by saying it makes them look older, backward, or culturally repressed.My social media team takes extreme care that not a single negative comment written by you is censored, so that the world can make their own judgments and have a transparent view of the brand. Tomorrow, you can shame me further on twitter, make provocative headlines out of this letter, or choose to blacklist us as consumers. It is absolutely fair and understandable because it is your prerogative. For us, for better or for worse, it will be business as usual.#Sabyasachi #TheWorldOfSabyasachi

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सोशल मीडिया पर शेयर किए अपने इस ओपन लेटर में सब्‍यसाची ने लिखा, 'मैं तहे दिल से सभी से अपने उन शब्‍दों के लिए माफी मांगता हूं, जो मैंने एक कॉन्‍फरेंस के दौरान पूछे गए सवाल का जबाव देते समय इस्‍तेमाल किए। मैं माफी चाहता हूं कि मैंने महिलाओं द्वारा साड़ी न पहनना आने के लिए 'शर्म' जैसे शब्‍द का इस्‍तेमाल किया। मैं क्षमा चाहता हूं कि जिस संदर्भ में मैं यह बात कह रहा था वह सही से नहीं पहुंचीं... यह सच में मेरा मंतव्‍य नहीं था।' देखें सब्‍यसाची मुखर्जी का यह खुला पत्र।

डिजाइनर सब्यसाची ने यह बयान बीते शनिवार को हावर्ड इंडिया कांफ्रेंस में कहा था, ‘मुझे लगता है कि अगर आप मुझसे कहेंगी कि आपको साड़ी पहनने नहीं आती, तो मैं कहूंगा कि आपको शर्म आनी चाहिए। यह आपकी संस्कृति का हिस्सा है, आपको इसके लिए खड़ा होना चाहिए।’

इस दौरान स्टूडेंट्स ने उनसे साड़ी पहनने के दौरान होने वाली दिक्कतों के बारे में भी पूछा था, जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि साड़ी दुनिया की बेहद खूबसूरत पोशाक है, सभी इसकी तारीफ करते हैं और यह भारतीय महिलाओं की पहचान है। इसके साथ ही बड़ी बात ये है कि सब्यासाची ने इस दौरान बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की उपमा भी दी।
 



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