Movie Review: ''एक हसीना थी एक दीवाना था'' 90 के दशक की कहानी

Friday, June 30, 2017 11:15 PM
Movie Review: ''एक हसीना थी एक दीवाना था'' 90 के दशक की कहानी

मुंबईः फिल्म 'एक हसीना थी, एक दीवाना था' रिलीज हो गई है। इस फिल्म को सुनील दर्शन ने डायरेक्ट किया है। फिल्म 'एक हसीना थी एक दीवाना था' की कहानी एक ऐसे जोड़े की है, जिसकी 1 महीने बाद शादी होने वाली है। ये शादी के लिए यूरोप के सुन्दर मेन्शन में पहुंचते हैं जो नताशा की नानी का दिया हुवा है। मगर यहां पहुंचने के बाद नताशा को लगता है कि वो पहले भी इस घर में आ चुकी है। जबकि वह पहली बार इस घर में आई है। तभी देव नाम के एक लड़के से नताशा की मुलाकात होती है और देव ये यकीन दिलाता है कि वो नताशा से प्यार करता है और उसका ये प्रेम 55 साल पुराना है। दोनों के बीच प्यार परवान चढ़ता है और फिर शुरू होते हैं ट्विस्ट एंड टर्न्स। इसे एक लव ट्राएंगल कहानी कह सकते हैं और इसकी खूबियों में सबसे पहले है इसका संगीत जो 90 के दशक की याद दिलाता है।

 

दरअसल इसे संगीत उसी दशक के संगीतकार नदीम ने दिया है। फिल्म की फोटोग्राफी अच्छी है और परदे पर काफी अच्छे अच्छे दृश्य दिखाई देते हैं।

किसी हद तक फिल्म की कहानी भी 90 के दशक की याद दिलाती है जब अक्सर त्रिकोणीय प्रेम कहानी ऐसे संगीत और दृश्यों के साथ बनाई जाती थीं, लेकिन 'एक हसीना था एक दीवाना था' की कहानी बहुत ही कमजोर पड़ गई। 
 

बता दें करीब 10 साल बाद बतौर निर्देशक सुनील दर्शन वापसी कर रहे हैं वही बतौर अभिनेता उनका बेटा शिव दर्शन भी फिल्‍म 'कर ले प्यार करले' की असफलता के 3 साल बाद दोबारा परदे पर वापसी कर रहा है। 
 



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