ब्रेक खत्म, काम शुरू: बिपाशा बसु

Sunday, March 9, 2014 10:32 AM
ब्रेक खत्म, काम शुरू: बिपाशा बसु

मुंबई :बिपाशा बसु आज अपने करियर के उस मुकाम पर हैं जहां तक पहुंचना किसी भी हीरोइन के लिए बड़ी बात होती है। उनके जैसी कई नायिकाएं चाहे प्रिटी जिंटा हो या लारा दत्ता, ऐश्वर्य राय हो या रानी मुखर्जी किसी के पास खास फिल्में नहीं हैं। बिपाशा बसु ने अपने लडखड़़ाते करियर को संभालने के लिए हॉरर फिल्मों का सहारा लिया। सहारा तो उनका प्रियंका चोपड़ा के एक्स ब्वॉयफ्रैंड हरमन बावेजा भी बनते नजर आ रहे हैं। आज उनके पास ‘हमशक्ल्स’ , ‘क्रिएचर थ्री डी’ तथा ‘बैंग बैंग’ जैसी फिल्में हैं। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश-

सुना है कि आप इन दिनों अपने करियर से ज्यादा अपने निजी संबंधों पर ध्यान दे रही हैं और हरमन के साथ कुछ ज्यादा ही वक्त बिता रही हैं?
—हरमन से अपनी दोस्ती की बात मैंने ही मीडिया को बताई थी। अब शादी की बात को भी छिपाने का मेरा कोई इरादा नहीं है। मैं शादी कब और किससे करूंगी, अभी तक तो कुछ भी तय नहीं हुआ है। जब ऐसी कोई बात होगी तो उसे छिपाने का क्या मतलब।


यानी हरमन के साथ आपके अफेयर की बात सच है?
—मैं दोस्ती की बात से इंकार नहीं कर रही हूं। बेहतर होगा कि हम कोई दूसरी बात करें। क्या आपके पास हरमन के अलावा कोई दूसरे सवाल नहीं हैं? मेरे दोस्तों को मुझ तक ही सीमित रहने दीजिए।


आपकी पिछली फिल्म ‘आत्मा’ बॉक्स ऑफिस पर चली नहीं, क्या इस वजह से आपने मीडिया से बात करना बंद कर दिया था?

—‘आत्मा’ की रिलीज के दौरान ही मैंने कहा था कि कुछ दिनों का ब्रेक लूंगी। वह ब्रेक खत्म हो चुका है। इस दौरान मैं किसी से क्या बात करती? अभी हाल में मैंने ‘क्रिएचर थ्री डी’ की काफी शूटिंग पूरी की है। जल्द ही मैं अपनी पहली कन्नड़ फिल्म की शूटिंग शुरू करूंगी। साजिद खान की ‘हमशक्ल्स ’ भी मैंने साइन की है। इसकी शूटिंग भी जल्द शुरू होगी। इसके अतिरिक्त ‘बैंग बैंग’ में भी हूं। एक वक्त में मैं इससे ज्यादा फिल्में कभी नहीं करती।

कहा जा रहा है कि ‘राज 3’ के बाद आपको हॉरर फिल्मों के ही ऑफर आ रहे हैं?
—ऐसा नहीं है। ‘राज’, ‘राज-2’, ‘आत्मा’ और अब ‘क्रिएचर थ्री डी’ एक के बाद भूतहा फिल्में मेरे हिस्से में आ रही हैं। बीच में मैंने करियर में ऐसी फिल्में कीं जिनमें मेरा रोल बिल्कुल अलग था। अब इसे हीरोइनों का दुर्भाग्य कह लीजिए कि आज भी हमारे यहां नायिका प्रधान फिल्में बहुत कम बनती हैं। यहां हीरोइन का मतलब सिर्फ इतना होता है कि उसे बेहद ग्लैमरस ढंग से पेश किया जाए। एक ‘कहानी’ या ‘द डर्टी पिक्चर’ से हालात नहीं बदलेंगे।


आपने अपनी छवि एक बोल्ड हीरोइन की बनाई है और अब तक उसे भुना रही हैं?
—मैंने शुरू में ऐसी फिल्में कीं, जहां मेरा किरदार काफी बोल्ड था। बतौर हीरोइन मेरी कोशिश होती है कि ऐसा रोल करूं जिसे देख कर दर्शक मेरी एक्टिंग का सही आकलन कर सकें क्योंकि मैंने अपने करियर की शुरूआत ही ‘अजनबी’ जैसी फिल्म में एक ग्रेड शेड वाले रोल से की थी। अब आप ही बताइए, ऐसा साहस कितनी हीरोइनें दिखा पाती हैं जिस समय कोई हीरोइन बोल्ड रोल करने से बचती थी, मैंने ‘जिस्म’ जैसी फिल्में कीं। अब देखिए मैंने एक के बाद एक हॉरर फिल्में की हैं। अब साजिद की फिल्म में कॉमेडी करूंगी। 


अपने आकर्षक फिगर को कैसे मैटेंन रखती हैं?
 -मैं अपनी कुछ हमउम्र युवतियों के मुंह से अक्सर यह सुनती हूं कि रोजमर्रा की जिंदगी की दौड़-भाग से उनका पूरा शरीर बहुत दुखने लगता है। कभी पैर तो कभी घुटना या कमर, वे अपने शरीर के किसी न किसी हिस्से के दर्द से परेशान रहती हैं। तब दर्द से राहत पाने के लिए वे दवा लेती हैं, पर मुझे इस तरह की परेशानी न के बराबर होती है। उम्र बढऩे के बावजूद मैंने अपने शारीरिक और अंदरूनी व्यक्तित्व को मैंटेन रखा है। इसमें योग ने मेरा बहुत अच्छा साथ निभाया है। मैं नियमित एक्सरसाइज के अलावा रोज एक घंटा योग भी करती हूं। आप कह सकते हैं कि यही मेरी फिटनैस का राज भी है।



 



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